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सोमवार, 5 जुलाई 2021

सेल्फॉस्, Celphos fumigant, अनाज धान आदि के कीड़े मारने की दवा, सेल्फॉस् की गोली, celphos goli in hindi

 नमस्कार मित्रों, 

                     स्वागत है आप सभी का अपने इस ब्लॉग पेज पर आप सभी ने सल्फास की गोली के बारे में काफी सुना होगा तो आज हम इस ब्लॉग में जानने वाले हैं celphos के बारे में संपूर्ण जानकारी । 


दोस्तों जब भी हम किसी अनाज, दाल, चावल, आदि का भंडारण करते हैं और उसको काफी लंबे समय तक हमें सुरक्षित रखना होता है । तो उसको कीड़े, घून,ईल्ली इत्यादि से सुरक्षित रखने के लिए हमें किसी ना किसी दवा की आवश्यकता पड़ती है । 


अत  इल्लियां घुण और कीड़े  से अपने भंडारण को सुरक्षित रखने के लिए हमे एक प्रभावशाली दवा चाहिए जो की  सेल्फोस् के नाम से जानी जाती है, काम में ली जाती है। 



Celphos में मुख्य रूप से एलुमिनियम फास्फाइड 56% पाया जाता है और जिस celphos के  बारे में हम बात करेंगे वह पाउडर फोरम का है। 


सेल्फोस् का प्रयोग कैसे करे---

  यदि हम बात करे की हमे इसका प्रयोग किस तरह से करना है तो सबसे पहले आपके के पास में celphos powder की   पुड़िया है उस पुड़िया को आप फाड ले और इसे एक कपड़े के अंदर डालकर बांध ले। 


कपड़े के अंदर इसे इस तरह से बाधे की इस कपड़े की गांठ  से दवा बाहर ना निकले । 

फिर इस कपड़े की गांठ को आप इस तरह से अपने भंडारण वाली जगह पर रखें जिस टंकी में या मकान में आपने अनाज को भंडारण किया है, कि दवा कपड़े के बाहर ना निकले और साथ में  इसकी स्मेल या बदबू आती है वह भी उस कमरे से या पात्र से बाहर ना निकले । 

क्योंकि यदि वह बाहर निकलेगी तो जो इल्ली, कीड़े हैं वो सही ढंग  से मरते भी नहीं है से और यह बदबू हमारे लिए भी नुकसानदायक सिद्ध होती है । 

साथ में celphos की गोलियों को भी बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए क्योंकि इसका काफी दुरुपयोग होता है । 


पर मैं यहां पर आपको बताना चाहूंगा कि यह जानकारी सिर्फ और सिर्फ अनाज धान के सुरक्षित भंडारण के लिए है। 

 वीडियो के द्वारा यह जानकारी लेने के लिए नीचे देगी वीडियो पर क्लिक करें



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धन्यवाद




बोरोन तत्व का फसलों के विकास मे क्या महत्व है । Importance Of Boron खाद in hindi

 नमस्कार प्यारे किसान भाइयों, 

                              जैसा कि आप जानते हैं हमारी फसल में पौधों के पूर्ण रूप से विकास के लिए कई तरह के पोषक तत्वों की आवश्यकता पड़ती है। 

यदि फसल में पोषक तत्वों की कमी होती है तो कई तरह के रोग पौधों में लग जाते हैं, जिससे हमारी फसल खराब हो जाती है और हमें काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है । 


आप सभी जानते होंगे कि पौधों के सही तरीके से विकास के लिए कई तरह के सूक्ष्म पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है उनमें से बोरोन भी एक प्रमुख सूक्ष्म तत्व है ।


यह पौधे की कोशिकाओं में घुलनशील रूप में पाया जाता है, और उनमें कोशिका झिल्ली को मजबूती प्रदान करता है । 

आपने जाइलम  और फ्लोएम के बारे में सुना होगा जिनके कार्य पौधों में जल और भोजन को जड़ों से विभिन्न भागों तक पहुंचाना होता है। 

पौधों में जल व खनिज लवणों को विभिन्न भागो तक पहुंचाने का कार्य बोरोन के द्वारा ही संभव होता है, इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि बोरोन कितना जरूरी है पौधों के लिए। 


बाजार मे उपलब्धता--

   आपको बाजार में कई कंपनियों का बोरोन  मिल जाता है जिनमें iffco का बोरोन 14.5 % ( डाइसोडियम टेट्राबोरेट पेंटा हाइड्रेट के रूप में आता है ) बोरोन का एक अच्छा स्रोत हो सकता है ।   

      



कार्य ---

     1.बोरोन पौधों में बीज ,फल और फूल बनाने में योगदान करता है
     2. सरसो, फूलगोभी और पत्तागोभी जैसी फसलों में गांठदार जड़ रोग को कम करता है ।
    3. इसकी कमी से पौधों की जड़ों, तने व नई पत्तियों के विकास में काफी रुकावट आती है । 
     4.तने एवं फल का पूर्ण रूप से विकास नहीं हो पाता है, नई पत्तियां गुच्छों  का रूप ले लेती हैं, और पौधे का  शिरा सूख जाता है  । 
      5.फूलों में निषेचन की प्रक्रिया बाधित हो जाती है क्योंकि इसके लिए बोरोन की आवश्यकता पड़ती है। 

      6. अधपके  फल और फलियाँ गिरने लगते हैं ।


प्रयोग करने का तरीका

फसलों में बोरोन का प्रयोग कई तरीके से किया जाता है आप इसका प्रयोग  पर्णिय छिड़काव, ड्रिप सिंचाई या खेत में बुवाई से पहले मिट्टी में मिला करके यूज कर सकते हैं । 

सबसे अच्छा होगा यदि हम soil टेस्ट करवा कर फिर निर्धारित मापदंडों के अनुसार बोरोंन का  इस्तेमाल अपनी फसलों के लिए करें तो इससे हमें अधिक लाभ मिलेगा । 


आवश्यकता से अधिक बोरोन का इस्तेमाल भी हमारी फसलों के ऊपर जहरीला प्रभाव छोड़ता है , हमें ध्यान रखना चाहिए कि धान वाले फसलों में 2- 4 पीपीएम और दलहनी वाली फसलों में 26 -26 पीपीएम के हिसाब से ही बोरोन का प्रयोग करें। 


बोरोन का प्रयोग करने से फसलों में होने वाले लाभ

जब हम उचित मात्रा में बोरोन का इस्तेमाल दलहनी फसलों में करते हैं तो वहां पर जड़ों में राईजोबियम की गाठो की संख्या अधिक बनती है जो कि वायुमंडलीय नाइट्रोजन का अधिक स्थरिकरण करती हैं । 

फलदार और सब्जी वाली फसलों में सूखा के प्रति पौधे अधिक  सहनशील बनते हैं । 

आलू को फटने से  बचाता है ,और साथ में आलू के छिलके को आकर्षक भी बनाता है जिससे हमें बाजार भाव अच्छा मिलता है । 

फूलगोभी में फूल को खोखला व भूरा रोग होने से बचाता है। 

दलहन वाली फसलों में दाने अधिक बनते हैं फलियों में जिससे उपज में बढ़ोतरी होती है। 

नींबू में फूल अधिक  बनते हैं और साथ में झडते भी नहीं है ।

 टमाटर में टमाटर का फल फटता नहीं है, और पौधे की लंबाई में भी सही वृद्धि होती है। 

मक्का में भुट्टा दानों से पूर्ण तरीके से भर जाता है । 


मात्रा या डोज

भारी मिट्टी मे  4-6kg per acre

हल्की मिट्टी मे  2-4 kg per acre

फलदार पौधों मे 10-100gm प्रति पौधा (लंबाई के हिसाब से) 

 ज्यादा जानकारी के लिए वीडियो देखे



पोस्ट अच्छी लगी हो तो like जरूर करे। 

Thank you














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रविवार, 27 जून 2021

Actara Insecticide ki complete information in Hindi, अक्तारा कीटनाशक की संपूर्ण जानकारी हिंदी मे

 नमस्कार प्यारे किसान भाइयों स्वागत है, आप सभी का अपने इस  ब्लॉग पोस्ट में आज हम यहां पर जानने वाले हैं, 



एक्टारा कीटनाशक के बारे में ,अक्सर जब हम हमारी फसलों में सही कीटनाशक दवाइयों का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो हमारी फसलें भी बर्बाद होती हैं, और उस साथ में गलत दवाइयों के चक्कर में पडकर हम बहुत सारा पैसा भी खर्च कर देते हैं ।



 पर थोड़ी सी सही जानकारी के द्वारा हम धन भी बचा सकते हैं और और अपनी फसल को भी बता सकते हैं। 


एक्टारा कीटनाशक कम उपयोग दरों पर कई फसलों में पत्ते और मिट्टी कीटों को नियंत्रित करने के लिए दूसरी पीढ़ी का नियोनिकोटिनॉइड है। 

जो विभिन्न प्रकार के आवेदन प्रकारों जैसे मिट्टी अनुप्रयोगों, बीज उपचार और पत्तेदार स्प्रे में काम लिया जाता है। 


यदि आप एक्टारा दवाई के बारे में वीडियो के द्वारा समझना चाहते हैं तो नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके आप वीडियो देख सकते हैं... 


इसके अंदर प्रमुख रूप से  थिएमेथॉक्सम 25% wgड ब्ल्यूपी के रूप में पाया जाता है। 


जय कीटों की एक विस्तृत श्रृंखला के ऊपर कार्य करता है जो कि निम्न प्रकार से हैं 

एफिड्स, ऐश वीविल, ब्लैक एफिड्स, ब्राउन प्लांट लीफहॉपर, बग्स, इलायची एफिड, मिर्च थ्रिप्स, फ्रूट रस्ट थ्रिप्स, अंगूर थ्रिप्स, हिस्पा, जैसिड्स, मैंगो हॉपर, मार्जिनल गॉल थ्रिप्स, पॉड फ्लाई, राइस हिस्पा, राइजोम वीविल, स्पाइरिंग व्हाइटफ्लाई, गन्ना वुली एफिड, व्हाइट मक्खियों, व्हाइट टेल मीली बग, मीली कीड़े, अनार तितली इन सभी के उपर यह  काफी असरकारक तरीके से काम करता है ।


ख़ुराक:

प्रति एकड़ 05 ग्राम प्रति लीटर पानी और 200 लीटर पानी में 100 ग्राम


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धन्यवाद